(N/A) अल्कोहल का अम्लीय निर्जलीकरण वह प्रक्रिया है जिसमें अम्ल उत्प्रेरक की उपस्थिति में अल्कोहल से पानी का एक अणु हटाकर एल्कीन बनाया जाता है।
सामान्य अभिक्रिया:
$CH_3-CH_2-OH \xrightarrow[\Delta, 443 \ K]{Conc. \ H_2SO_4} CH_2=CH_2 + H_2O$
व्याख्या:
$1$. इस अभिक्रिया में,$\alpha$-कार्बन से $-OH$ समूह और $\beta$-कार्बन से हाइड्रोजन परमाणु हट जाता है।
$2$. इसके परिणामस्वरूप $\alpha$ और $\beta$ कार्बन के बीच एक $\pi$-बंध बनता है।
$3$. चूंकि हाइड्रोजन परमाणु $\beta$-स्थिति से हटता है,इसलिए इसे $\beta$-विलोपन ($\beta$-elimination) अभिक्रिया भी कहा जाता है।
$4$. निर्जलीकरण के लिए सांद्र $H_2SO_4$,$H_3PO_4$ या उच्च तापमान पर निर्जलीय $Al_2O_3$ का उपयोग किया जाता है।